Monday, February 4, 2013
04/02/2013
आज का दिन काफी बोरिंग रहा। रोज़ की तरह। शाम अच्छी रही।काफी दोस्त एक ही जगह पर काफी समय के बाद मिले।काफी मस्ती की :D
बातों-बातों में कही से शायिरीया शरु गयी। कुछ पेश करता हु। पता नहीं किसने लिखी, कहा से सीखी सालो ने।
सजा हमे ये कैसी मिली दिल लगाने की ,
रो रहे मगर तमन्ना थी मुस्कुराने की ,
अपना दर्द किसे दिखाऊ ए दोस्त ,
दर्द भी उसीने दिया जो वजह थी मुस्कुराने की।
इसमें दर्द तो काफी है पर। जिस कमीने ने इस शायिरी सुनाई उसने ना तो किसीसे प्यार किया है, तो दिल टूटने की बात ही नहीं, बस कही से सुनी और सुनादी। हम सब भी वाह वाह करने लगे।
याद करते है तुम्हे तन्हाई में ,
दिल डूबा है गमो की गहराई में ,
हमे मत ढूंढ़ना दुनिया की भीड़ में ,
हम मिलेंगे तुम्हे तुम्हारी ही परछाई में।
बातों-बातों में कही से शायिरीया शरु गयी। कुछ पेश करता हु। पता नहीं किसने लिखी, कहा से सीखी सालो ने।
सजा हमे ये कैसी मिली दिल लगाने की ,
रो रहे मगर तमन्ना थी मुस्कुराने की ,
अपना दर्द किसे दिखाऊ ए दोस्त ,
दर्द भी उसीने दिया जो वजह थी मुस्कुराने की।
इसमें दर्द तो काफी है पर। जिस कमीने ने इस शायिरी सुनाई उसने ना तो किसीसे प्यार किया है, तो दिल टूटने की बात ही नहीं, बस कही से सुनी और सुनादी। हम सब भी वाह वाह करने लगे।
याद करते है तुम्हे तन्हाई में ,
दिल डूबा है गमो की गहराई में ,
हमे मत ढूंढ़ना दुनिया की भीड़ में ,
हम मिलेंगे तुम्हे तुम्हारी ही परछाई में।
सामने न होतो बरसती हे ये आंखे , बिन्तेरे बहोत बरसती हे ये आंखे, मेरे लिए न सही इन के लिए तो आ जाओ! क्योंकि तुमसे बेपनाह प्यार करती हे ये आंखे!!
Good Bye :) :)
Sunday, February 3, 2013
03/02/2013
आज विश्वरूपम देखी. अच्छी थी, बिच में थोड़ी बोरिंग हे. पिछले कुछ समय से फिल्मो का climex निराश करने वाला होता है. ओके, विश्वरूपम २ भी आयेंगी आशा है की कमलजी उसमे क्लिमेक्स अच्छा बनायेंगे. वैसे तो आज डेविड देखनी थी पर शहर का कोई भी उस फिल्म के लिए नहीं आया, तो सिनेमा वालो ने शो रद कर दिया. कम से कम २० लोग होने चाहिए. मेरे अकेले के लिए थोड़ी शो चालू करेंगे. हाहा! चलो किस्मत की बात है.. For DAVID try again later....
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